खुशियों के बाजार में दर्द से मिलना पड़ा।
तुम्हारी ख़ुश्क सी आँखें भली नहीं लगतीं
तब पता चलेगा बेवफाई में माफी क्यों नहीं होती..!!!
इस दर्द भरी ज़िंदगी में गम भी छुपाते बहुत हैं !
ये तो है ही, जिनको जिंदगी सब कुछ देती है,
कितना और बदलूं खुद को ज़िन्दगी जीने के लिए
हम पढ़ने Life Shayari in Hindi लिखने में थोड़ा अच्छे क्या हुए
जिंदगी में क्यों भरोसा करते हो गैरो पर
जो दिल के बहुत करीब हैं — टूटे सपनों, बिछड़ते रिश्तों और अधूरे एहसासों की दास्तान।
जिसे माँगने से पहले ही खुदा ने दे दिया।”
सब कुछ तो गिरवी पड़ा है, ज़िम्मेदारी के बाजार में।
बस यादें वही रहती हैं जो दिल में बस जाती हैं।”
कोई पुछ रहा हैं मुझसे मेरी जिंदगी की कीमत
लोग हमें कहते हैं हम मुस्कुराते बहुत हैं